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यूथ फेस्टिवल रांची यूनिवर्सिटी, रांची 2025-2026″RUNU-JHUNU |

रांची विश्वविद्यालय कुलपति: गान, ज्ञान और ध्यान जरूरी ।’

रांची यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने आर्यभट्ट ऑडिटोरियम रांची में यूथ फेस्टिवल2025-2026  की समापन में शामिल हुए| और उन्होंने संबोधन करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम एजुकेशन का ही एक पाठ है और उन्होंने छात्रों को मोटिवेट करते हुए कार्यक्रम का सराहना किया कहा कि आज छात्र कॉलेज सिर्फ डिग्री लेने नहीं आते हैं बल्कि अन्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अभिभावक स्वरूप शिक्षक से मार्गदर्शन लेने आते हैं,इसलिए टीचर्स से भी हम आग्रह करेंगे कि छात्रों को सही मार्गदर्शन दें।यूथ फेस्टिवल में भाग लेने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई दिया,साथ ही विजेताओं को विशेष रूप से बधाई दिए,और जो उपविजेता हुए हैं उनको अमेरिका के मशहूर हास्य कलाकार चारलिन चोपडिन का उदाहरण देते हुए कहा- “जज भी फरफैक्ट नहीं होते हैं“,

क्योंकि अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा हुआ कि जब चारलिन ने भेष बदल कर कार्यक्रम में भाग लिया तो जज ने उनको तीसरे स्थान पर रख दिया था,कार्यक्रम था “कौन है जो चारलिन जैसा दिखता है?” इसीलिए जज भी फरफैक्ट नहीं होते हैं इस बात को ध्यान रखते हुए खुद को विजेता मान लेना है”।

गान, ज्ञान और ध्यान में ही जीवन है ,जीवन मोबाइल की तरह होती है,मोबाइल इलेक्ट्रिक से चार्ज होता है और हमारा शरीर हमारी हॉबी से।अपने जीवन में हमेशा शौक को जिंदा रखिए,ताकि 80 की उम्र में भी चेहरे की रौनक बनी रहे। बिना हॉबी के लोग 40 की उम्र में भी बूढ़े नजर आते हैं।तीसरा व्यक्ति क्या बोलता है उस पर ध्यान नहीं देना है,हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यानकेंद्रित होना चाहिए।  ये कार्यक्रम जिंदादिली का प्रतीक है ।टीचर इस बात का ध्यान रखें कि छात्रों का डिग्री के साथ साथ मुस्कुराहट बना रहना चाहिए । खेल भी  शिक्षा का ही अहम पार्ट है।

रांची विश्वविद्यालय का Art ऑफ कल्चर बहुत ही अच्छा है,इसे जिंदा रखना आप- हम सभी का कर्तव्य है।आप लाइफ का विजेता भी बनेंगे अगर आत्मविश्वास मजबूत है।जो बच्चे पार्टिसिपेट किए उन सभी बच्चों को बहुत बहुत बधाई,और शुभकामनाएं।उक्त बातों को रांची विश्वविद्यालय के कुलपति ने लगभग आधे घंटे तक मंच से संबोधन किए, मंत्रमुगत होकर सभी सुनते रहे।

यूथ फेस्टिवल 28 नवंबर को शुरुआत हुई और ,29 नवंबर को समापन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र को हिंदी सुरों में श्रद्धांजलि दिया गया।समापन की शुरुआत गणेश बंदना और रागभोपाली जैसे सुरों के साथ हुआ।

मोके पर रांची यूनिवर्सिटी के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और यूनिवर्सिटी के तमाम छात्र छात्राएं मौजूद रहे |

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