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अखिल झाड़खंड साहित्य एकेडमी द्वारा साहित्य सम्मान सोमारोह आयोजित| साहित्यकारों को मिला सम्मान |

रांची :  21 फरवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर अखिल झाड़खंड साहित्य एकेडमी का दूसरा साहित्य सम्मान आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव थे। रामेश्वर उरांव ने कहा कि भाषा और संस्कृति को प्रयोग में रखने से बचेगा और संवरेगा।आज लोग अपनी भाषा से ही दूर होते चले जा रहे है।भाषा से ही हमारी पहचान है। अखिल झाड़खंड साहित्य एकेडमी के अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा ने कहा किसी न किसी को समाज में आगे आने की जरूरत है, डॉ रामदयाल मुंडा, डॉ बिशेश्वर केसरी के सपनों को जीवित रखने और आगे बढ़ाने के लिए साहित्य से रिश्ता मजबूत करना होगा।समारोह में एकेडमी के उपाध्यक्ष बीरबल महतो, सचिव डॉ सबिता केसरी ने अपने विचार रखा। समारोह के दौरान स्वागत गीत के साथ हुई।ओलचिकी और वारांगचीति लिपि के लिए डॉ रघुनाथ मुर्मू और लाको बोदरा के परिजनों को सम्मानित किया गया।साथ ही नौ भाषाओं चयनित पुस्तकों के लिए उनके रचनाकार को साहित्य शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया।

जिसमें कुड़ुख भाषा से डॉ नारायण उरांव, संताली के लिए श्री सुन्दर टुडू, हो भाषा के लिए काशराय कूदादा, खड़िया भाषा से डॉ इग्नेशिया टोप्पो , मुंडारी के लिए डॉ मनसिद्ध बडॉयूद, खोरठा से डॉ चितरंजन महतो चित्रा , नागपुरी के लिएच क्षितिश कुमार राय, कुड़माली के लिए डॉ चंद्र मोहन महतो , पंचपरगनिया से दीनबंधु महतो, को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सबिता केसरी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ अमित कुमार ने किया ,डॉ कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि 25 वर्ष के अंतराल में आज तक सरकार द्वारा भाषा एकेडमी का गठन नहीं हो पाया है।सरकार को इसके प्रति सजग होना चाहिए।अखिल झारखंड साहित्य एकेडमी की पूरी टीम को इसके लिए धन्यवाद दिया।समारोह में नौ भाषाओं के समन्वयक ने कार्यक्रम को बेहतर ढंग से कैसे एकेडमी को और बेहतर बनाया जा सके इस पर विचार दिया। समारोह में मुख्य रूप से डॉ गजाधर महतो , डॉ रतन महतो सत्यार्थी डॉ .सरस्वती गगराई, डॉ डुमनी मुर्मू, डॉ पार्वती मुंडू, डॉ संदीप कुमार महतो, कमलेश कुमार , डॉ जयमंगल,सुकेशी कुमारी, शोधार्थी विकी कुमार,नेहा कुमारी, आदि उपस्थित थे।

 

 

 

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