रांची : झारखंड की राजधानी रांची से 60 किलो मीटर की दूरी सिल्ली विधानसभा के सोनाहातू में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ,आगामी 20 दिसंबर को सोनाहातु में झारखंड आंदोलन के प्रणेता पूर्व सांसद स्व विनोद बिहारी महतो की 9 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे। गूंज परिवार द्वारा आयोजित लोकार्पण समारोह दिन के एक बजे आयोजित किया गया है।
कौन थे विनोद बिहारी महतो :
झारखंड आंदोलन के जनक: वे अलग झारखंड राज्य के निर्माण के प्रमुख नेताओं में से थे, जिन्हें झारखंड आंदोलन का “मसीहा” या “पितामह” कहा जाता है.
JMM के संस्थापक: उन्होंने 1972 में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना की, जो झारखंड के आदिवासी और गैर-आदिवासी लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाला एक प्रमुख राजनीतिक दल बना.
समाज सुधारक: उन्होंने अपने समाज (कुड़मी) में व्याप्त दहेज प्रथा, शराबखोरी जैसी कुरीतियों के खिलाफ ‘शिवाजी समाज’ नामक संगठन बनाकर अभियान चलाया और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘पढ़ो और लड़ो’ का नारा दिया.
राजनीतिक करियर: वे 1980, 1985, 1990 में बिहार विधानसभा के सदस्य और 1991 में गिरिडीह से लोकसभा के सदस्य चुने गए.
दूरदर्शी नेता: वे एक प्रगतिशील विचारक थे जिन्होंने गरीबों, शोषितों और वंचितों की आवाज बनकर समाज को नई दिशा दी |
गूंज परिवार के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं संरक्षक सुदेश कुमार महतो के नेतृत्व में राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात कर लोकार्पण के लिए औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा |
राज्यपाल ने समारोह के लिए अपने सहमति दे दी है। प्रतिनिधिमंडल में श्री महतो के अलावा पूर्व जिप अध्यक्ष सुकरा सिंह मुंडा, जयपाल सिंह, सुनील सिंह, दुबराज महतो, श्याम महतो, मंजू मुंडा, रंगबहादुर महतो एवं किरीटी भूषण महतो शामिल थे|






