रांची : आज कुड़मी अधिकार महारैली को लेकर बृहत झारखंड कुड़मी समन्वय समिति के मुख्य संयोजक शीतल ओहदार जी के द्वारा प्रेस वार्ता किया गया। प्रेस को संबोधित करते हुए श्री ओहदार ने कहा कि आगामी 22 फरवरी को प्रभात तारा मैदान धुर्वा रांची में होने वाली कुड़मी अधिकार महारैली अब नगर निकाय चुनाव के कारण 01 मार्च 2026 को होगी।
ओहदार जी ने राज्य सरकार को सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड सरकार कुड़मी समाज को संगठित होने नहीं देना चाहती है। झारखंड सरकार जानती है कि कुड़मियों का अनुसूचित जनजाति की सूची में सूचीबद्ध होने और कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में सूची में शामिल कराने का मांग जायज है। विगत 20 सितंबर की रेल टेका के ऐतिहासिक आंदोलन से राज्य सरकार घबरा गई है।
कुड़मियों का आंदोलन सीधा केंद्र सरकार से है फिर किस डर से झारखंड सरकार कुड़मीयों को संगठित होने से रोकना चाहती है। श्री ओहदार जी ने समाज के युवा, माता-बहन और बुद्धिजीवी सभी को आह्वान करते हुए कहा कि अब 01 मार्च को संपूर्ण झारखंड के कुड़मी प्रभात तारा मैदान में जूटकर आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहें। ज्ञात हो कि 11 जनवरी को मोराबादी मैदान में सरकार कार्यक्रम का हवाला देकर महारैली हेतु मैदान उपलब्ध नहीं कराया , 22 फरवरी को होने वाली महारैली चुनाव आयुक्त झारखंड के द्वारा नगर निकाय चुनाव का घोषणा कर आचार संहिता लगने से उपायुक्त द्वारा रैली का परमिशन नहीं दी गई, बार-बार रैली को रोके जाने के प्रयास से समाज में भारी रोष है । प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से सखीचंद महतो , दानिसिंह महतो,संजय लाल महतो, सुषमा महतो, अधिवक्ता मिथिलेश कुमार महतो, राजकुमार महतो, सोना लाल महतो , ज्योतिष महतो ,रूपलाल महतो, खिरोधार महतो, संदीप महतो, किरण महतो, सुमन देवी उपस्थित रहे।






