रांची : 2 जून को केंद्रीय सरना समिति के द्वारा प्रेस क्लब करम टोली रांची में आदिवासियों के ज्वलंत मुद्दे पर प्रेस वार्ता रखी गई प्रेस वार्ता में केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ने कहा कि आज समाज संक्रमण काल से गुजर रहा है कोई सरना सनातन एक है बता रहा है तो कोई सरना ईसाई एक ही मां के सन्तान है एवं देश के गृह मंत्री द्वारा आदिवासियों को वनवासी बता रहे हैं उन्होंने कहा कि न तो सरना सनातन एक है ना तो सरना ईसाई एक ही मां की सन्तान है एवं आदिवासी वनवासी नहीं है आदिवासी आदिवासी है |
उन्होंने कहा कि 2026- 27 जनगणना का वर्ष है ऐसे में धर्म कालम में सरना धर्म अंकित करें बिरसा वाहिनी फाउंडेशन के संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिया मुंडा ने कहा कि देश के 10 राज्यों में पांचवी अनुसूची क्षेत्र लागू है झारखंड के 13 जिले में पेसा कानून लागू है। परंतु आदिवासियों को जल जंगल जमीन उनके धर्म परंपरा संस्कृति को बचा नहीं पा रहे हैं उन्होंने कहा कि जो लोग समाज में विद्वेष फैलाने का काम करेंगें ऐसे लोगों को समाज दंडित करने का काम करेंगे केंद्रीय सरना समिति के महिला मोर्चा के अध्यक्ष एंजेल लकड़ा ने कहा कि कुछ लोग समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं जो धर्म परिवर्तन कर लिए ऐसे लोग जिस धर्म को मान रहे हैं या ईसाई या तो मुसलमान या तो हिंदू या तो अन्य आप स्वतंत्र रूप से कोई भी धर्म माने परंतु सरना सनातन सरना ईसाई को मिलने का प्रयास न करें कार्यक्रम में बिरसा वाहिनी फाउंडेशन के निदेशक विजय मुंडा बिरसा वाहिनी फ्रंट के संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिया मुंडा सरना आदिवासी विकास एकता मंच महुआडांड़ लातेहार के अध्यक्ष मंगलदेव नगेसिया संरक्षक विजय कुमार नगेसिया रांची जिला सरना समिति के अध्यक्ष अमर तिर्की बोकारो जिला सरना समिति के अध्यक्ष विनय मुर्मू बेरमो सरना समिति के अध्यक्ष राजेश उरांव समाजसेवी ट्रिपल आईटी स्कॉलर सबिता कच्छप समाजसेवी वर्षा गाड़ी लोहरदगा जिला सरना समिति के दिलेश्वर उंराव महासचिव संजय तिर्की संरक्षक भुवनेश्वर लोहरा किशन लोहरा सोनू उरांव पंचम तिर्की सोहन कच्छप एवं अन्य शामिल थे





