झारखंड : परिसीमन से झारखंड की राजनीतिक परिदृश्य बदल जायेगी; सूर्य सिंह बेसरा { पूर्व त्यागी विधायक }
– झारखंड विधानसभा की कुल सीटें 81 ही रहेगी
– लोकसभा के कुल 14 ही रहेगी
– अनुसूचित जनजाति के लिए 28 में से 6 सीटें घटाकर 22 हो जायेगी
– अनुसूचित जाति के लिए 9 में से 1 सीट बढ़ाकर 10 हो जायेगी
– लोकसभा के 5 ST सीटों में से राजमहल का नाम समाप्त हो जायेगा
– अनुसूचित जाति के लिए 1 से बढ़कर 2 सीटें हो जायेगी
भारत परिसीमन आयोग द्वारा दिनांक- 17 अगस्त, 2007 में अधिसूचित “परिसीमन अधिनियम, (2002 का 33) 2002 की धारा 10 की उप-धारा (1) के अनुसरण में झारखंड राज्य में संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए राजपत्र में प्रकाशित किया गया है, जिसके आदेश के तहत झारखंड के राज्य में लोकसभा के लिए आवंटित किये जाने वाले कुल स्थानों की संख्या 14 होगी, जिसमें 4 स्थान अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित होंगे तथा 2 स्थान अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित होंगे। उसी प्रकार- राज्य की विधानसभा के लिए नियत किये जाने वाले कुल स्थानों की संख्या 81 होंगे, जिसमें से 22 स्थान अनुसूचित जनजातियों के लिए तथा 10 स्थान अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित किये जायेंगे। इसका तात्पर्य आदिवासियों के लिए लोकसभा की एक सीट “राजमहल” विलुप्त हो जायेगा, जबकि SC के लिए एक के अतिरिक्त दो हो जायेगा। ठीक उसी प्रकार आदिवासियों के लिए 28 में से 6 सीटें आरक्षित हो जायेगा, जबकि SC के लिए 9 से बढ़ कर 10 सीटें हो जायेगी। यही विडंबना है, जिसके लिए विरोध हो रहा है।






