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2500 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित कर पासवा ने फिर रचा इतिहास : आलोक कुमार दुबे |

रांची,:13 सितंबर 2026। निजी विद्यालयों के संगठन पासवा ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए रविवार को रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार, मोरहाबादी में आयोजित अपने 14वें शिक्षक सम्मान समारोह में राज्यभर के 2500 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया। झारखंड की राजधानी रांची का आर्यभट्ट सभागार इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बना, जहां राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षाविदों, प्रोफेसरों, लेक्चररों, सरकारी एवं निजी विद्यालयों के शिक्षकों का भव्य सम्मान किया गया।

समारोह में शिक्षकों को शॉल, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य, पुलिस एवं विश्वविद्यालय जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

शिक्षक सम्मान समारोह में जुटीं राज्य की प्रमुख हस्तियां

शिक्षक सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह, उद्घाटनकर्ता डीजी रेलवे अनिल पालटा, स्वागताध्यक्ष पासवा के मुख्य संरक्षक सह विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव, गेस्ट ऑफ ऑनर रिम्स निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा तथा पूर्व कुलपति रांची विश्वविद्यालय अजीत कुमार सिन्हा,डीएवी के निदेशक एम.के. सिन्हा,पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सम्मानित होने वालों में रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अजीत सिन्हा, अंजनी श्रीवास्तव, डॉ. फिरोज अहमद, डॉ. टी.एन. साहू, अमर चौधरी, सीसीडीसी राजेश उपाध्याय, बंदना रॉय, डीएवी क्षेत्रीय निदेशक एम.के. सिन्हा, डीएवी प्राचार्य तापस घोष, जैक सचिव सच्चिदानंद तिग्गा, रांची विश्वविद्यालय एनएसएस कोऑर्डिनेटर किशोर सोरेन, नन्हे कदम प्ले स्कूल की निदेशक विभा सिंह, डीएवी बरियातू के प्राचार्य एस.के. मिश्रा, चिरंजीवी स्कूल के निदेशक एस.के. सिन्हा, कोलकाता स्कूल की प्राचार्य प्रियंवदा झा, संत जेवियर कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार सिन्हा, डॉ. शिव कुमार, आलोक रंजन, एमिटी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर राशिद इकबाल, सुमेधा चौधरी, पीटीपीएस कॉलेज पतरातू की प्रोफेसर डॉ. नीतू कुमारी, अदिति आर्यन, डॉ. श्रीकुमार मुखर्जी, जेएनयू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संतोष कुमार, नीरा किशोर अकिल उर रहमान ॉ रेनू कुमारी कोऑर्डिनेटर स्कूल ऑफ योगा, सुमोना दत्ता इंचार्ज प्रिंसिपल गुरु नानक स्कूल सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद शामिल रहे।

बोकारो, हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, पलामू, गढ़वा, गिरिडीह, लोहरदगा सहित राज्य के विभिन्न जिलों से भी शिक्षक एवं शिक्षाविद समारोह में पहुंचे।

डॉ. राधाकृष्णन और सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि से हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एवं पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि के साथ हुई। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सेक्रेड हार्ट स्कूल, कोलकाता पब्लिक स्कूल एवं सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बीजू पाड़ा के छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों ने अतिथियों एवं शिक्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके उपरांत दीप प्रज्वलित कर विधिवत शिक्षक सम्मान समारोह का उद्घाटन अजय कुमार सिंह, अनिल पालटा, डॉ. रामेश्वर उरांव, पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे, उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ. राजेश गुप्ता एवं फलक फातिमा ने संयुक्त रूप से किया।

शिक्षक सम्मान सबसे बड़ा सम्मान : अजय कुमार सिंह

स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक समाज की वह शक्ति हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संवारते हैं। डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, राजनेता अथवा किसी भी क्षेत्र में सफल व्यक्ति के निर्माण में किसी न किसी शिक्षक की भूमिका होती है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। पासवा द्वारा इतने बड़े स्तर पर शिक्षकों को सम्मानित करना अत्यंत सराहनीय पहल है।

शिक्षकों के मार्गदर्शन से ही संस्कारित और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव;अजय कुमार सिंह

एक शिक्षक का योगदान कई पीढ़ियों के निर्माण में होता है;अजय कुमार सिं

स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को आकार देते हैं। एक शिक्षक की भूमिका विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पीछे किसी न किसी गुरु का मार्गदर्शन अवश्य रहा है। ऐसे में गुरुजनों का सम्मान करना हमारी सामाजिक, नैतिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। पासवा द्वारा बड़ी संख्या में शिक्षकों को सम्मानित करने की पहल को उन्होंने शिक्षा जगत के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की सार्थक अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को भी अपने गुरुजनों के प्रति आदर की प्रेरणा देते हैं।
शिक्षक समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माता : डॉ. रामेश्वर उरांव

पासवा के मुख्य संरक्षक एवं विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान देने का काम नहीं करते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं। शिक्षक समाज को दिशा देने और राष्ट्र की नई पीढ़ी तैयार करने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों के शिक्षक झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका समर्पण और मेहनत सराहनीय है। गुरु का सम्मान वास्तव में समाज और राष्ट्र का सम्मान है।

जीवन की सफलता में शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान : अनिल पालटा

डीजी रेलवे अनिल पालटा ने कहा कि जीवन में व्यक्ति कितनी भी ऊंचाई हासिल कर ले, वह अपने गुरुजनों के योगदान को कभी नहीं भूल सकता। उनके जीवन में जो भी सफलता मिली है, उसमें शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान और मार्गदर्शन रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला, अनुशासन और सही रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। गुरु का स्थान समाज में सदैव सर्वोच्च रहेगा।

2500 से अधिक शिक्षकों का सम्मान पासवा के लिए गौरव का क्षण : आलोक कुमार दूबे

पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि 2500 से अधिक शिक्षकों का एक साथ सम्मान पासवा के लिए गौरव का क्षण है। पासवा प्रत्येक वर्ष शिक्षकों को सम्मानित कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता है और आने वाले समय में इस अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान पूरे समाज का सम्मान है। निजी विद्यालयों के शिक्षक सीमित संसाधनों में भी बेहतर परिणाम देने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके योगदान को उचित सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण मिलना चाहिए।

आलोक दूबे ने कहा कि पासवा शिक्षा जगत के हितों के लिए लगातार आवाज उठाता रहा है और भविष्य में भी शिक्षकों एवं विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए मजबूती से काम करता रहेगा। उन्होंने सरकार से निजी विद्यालयों के शिक्षकों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की।

शिक्षा से ही मजबूत समाज का निर्माण : अजीत कुमार सिन्हा

रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की बुनियाद है और शिक्षक इस व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव से आने वाली पीढ़ियों को तैयार करते हैं। उन्होंने पासवा के शिक्षक सम्मान समारोह को शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।

गुरु का स्थान हमेशा सर्वोच्च : अंजनी श्रीवास्तव

रांची विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति अंजनी श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया गया है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषय का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं। निजी विद्यालयों के शिक्षकों के योगदान को सम्मान मिलना आवश्यक है।

शिक्षकों के सम्मान से बढ़ता है शिक्षा का गौरव : एम.के. सिन्हा

डीएवी निदेशक एम.के. सिन्हा ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की गुणवत्ता उसके शिक्षकों से तय होती है। शिक्षकों का सम्मान शिक्षा और ज्ञान की पूरी परंपरा का सम्मान है। पासवा का यह आयोजन शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने वाला है।

नई पीढ़ी के भविष्य निर्माता हैं शिक्षक :डाॅ डीके सिंह डायरेक्टर रिम्स

रिम्स डायरेक्टर डॉ डीके सिंहा ने कहा कि शिक्षक नई पीढ़ी के भविष्य निर्माता हैं। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके चरित्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सरकारी और निजी विद्यालयों के शिक्षकों के योगदान की सराहना की।

शिक्षकों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी : डॉ. राजेश गुप्ता

पासवा के महासचिव डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और अनुभव से विद्यार्थियों को जीवन की सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करने की आवश्यकता है तथा पासवा इस दिशा में निरंतर प्रयास करता रहेगा।

गुरुजनों का सम्मान हमारी संस्कृति और संस्कार : फलक फातिमा

पासवा की महासचिव फलक फातिमा ने कहा कि शिक्षक हमारे जीवन के उन मार्गदर्शकों में हैं, जिनका प्रभाव विद्यार्थी के पूरे जीवन पर रहता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके योगदान के प्रति समाज में हमेशा सम्मान और कृतज्ञता का भाव रहना चाहिए।

शिक्षकों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता : सच्चिदानंद तिग्गा जैक सचिव

जैक सचिन सच्चिदानंद डिगा ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पीछे किसी न किसी शिक्षक का मार्गदर्शन अवश्य होता है। शिक्षक राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार करते हैं। पासवा द्वारा इतने बड़े स्तर पर शिक्षकों को सम्मानित किया जाना निश्चित रूप से सराहनीय और अनुकरणीय पहल है।

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने किया संचालन, अल्ताफ अंसारी ने दिया धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम का सफल संचालन पासवा के उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव ने किया। उन्होंने अपने प्रभावी संचालन से पूरे समारोह को गरिमामय एवं जीवंत बनाए रखा। समारोह के अंत में अल्ताफ अंसारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन, विद्यार्थियों एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

समारोह में पासवा के प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न जिलों के अध्यक्ष, विद्यालय संचालक, प्रोफेसर, लेक्चरर, शिक्षाविद एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। पूरे सभागार में शिक्षकों के सम्मान और गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता का भाव देखने को मिला।

पासवा ने अपने इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश दिया कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षक की भूमिका सर्वोपरि है और गुरुजनों का सम्मान केवल परंपरा नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में पासवा वॉलिंटियर्स मो. जिन्ना, नीरज कुमार, मिंकु प्रसाद रशीद अंसारी, मेघाली सेनगुप्ता,बीना देवी, प्रमोद कुमार,मेहुल दूबे, स
आरजू शबा, अंकिता सिंह,श्रुति तिवारी,अनुष्का कुमारी,ऋचा कुमारी,बुलबुल कुमारी, खुशी भारती,वीणा कुमारी, रानी कुमारी ऐश्वर्या सिंह,स्वाति कुमारी, साइन शिवम, अनुभव शंकर, साक्षी कुमारी, प्रवीण उरांव, शिवानी तिवारी, अमित लकड़ा ,फैजान रजा, कामरान खान, खालिद राजा, मेघा राज, सक्षम कुमार, आयुष कुमार, अंजली कुमारी, अनुराग जायसवाल, आकाश कुमार महतो, रिशु कुमार, विक्रांत सहाय, मोहम्मद शाहिद,मो. रजा उल्लाह का मुख्य योगदान रहा।

ये भी हुए सम्मानित

डॉ. नवाजिश – प्राचार्य, मदर जीरमानी बी.एड. कॉलेज
समीर गुंजन लकड़ा – सहायक प्राध्यापक
विनोद कुमार – सहायक प्राध्यापक
संतोषी – सहायक प्राध्यापक
आर. के. झा – एसोसिएट प्रोफेसर, विश्वविद्यालय वनस्पति विज्ञान विभाग
विश्वविद्यालय भूविज्ञान विभाग
डॉ. चंचल लकड़ा – सहायक प्राध्यापक
डॉ. सुरेश कुमार सामद – सहायक प्राध्यापक
डॉ. नीलू प्रिया तिर्की – सहायक प्राध्यापक
श्री अमित कुमार – सहायक प्राध्यापक
अनुभव कुमार – एसोसिएट प्रोफेसर, मारवाड़ी कॉलेज
अनीता सिन्हा – सहायक प्राध्यापक, विश्वविद्यालय वनस्पति विज्ञान विभाग
डॉ. नवाजिश प्राचार्य, मदर जीरमानी बी.एड. कॉलेज , समीर गुंजन लकड़ा सहायक प्राध्यापक, विनोद कुमार , सहायक प्राध्यापक
संतोषी सहायक प्राध्यापक,
आर. के. झा एसोसिएट प्रोफेसर, विश्वविद्यालय वनस्पति विज्ञान विभाग
विश्वविद्यालय , भूविज्ञान विभाग
डॉ. चंचल लकड़ा सहायक प्राध्यापक,
डॉ. सुरेश कुमार सामद सहायक प्राध्यापक,
डॉ. नीलू प्रिया तिर्की सहायक प्राध्यापक,
श्री अमित कुमार सहायक प्राध्यापक,
अनुभव कुमार एसोसिएट प्रोफेसर, मारवाड़ी कॉलेज ,अनीता सिन्हा सहायक प्राध्यापक, विश्वविद्यालय वनस्पति विज्ञान विभाग

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