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खनिज कानून झारखंड के संवैधानिक अधिकार, अर्थव्यवस्था और जल-जंगल-जमीन पर हमला, बर्दाश्त नहीं करेंगे : आलोक कुमार दूबे

खनिज पर टैक्स लगाने का अधिकार राज्यों का संवैधानिक अधिकार, केंद्र की मनमानी के खिलाफ जारी रहेगा संघर्ष : डॉ. रामेश्वर उरांव

खनिज कानून झारखंड के संवैधानिक अधिकार, अर्थव्यवस्था और जल-जंगल-जमीन पर हमला, बर्दाश्त नहीं करेंगे : आलोक कुमार दूबे

प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर खनिज कानून के खिलाफ लोहरदगा में निर्णायक आंदोलन करेगा कांग्रेस : सुखेर भगत

खनिज अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस का राज्यव्यापी विरोध, लोहरदगा में डॉ. रामेश्वर उरांव ने केंद्र पर लगाया आर्थिक अन्याय का आरोप

लोहरदगा। खनिज अधिनियम 2026 के प्रावधानों के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर मंगलवार को झारखंड के सभी जिलों में संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर केंद्र सरकार के फैसले का व्यापक विरोध किया गया। इसी क्रम में लोहरदगा जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला झारखंड की जनता के साथ आर्थिक अन्याय है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस पार्टी का आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि वर्ष 2024 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय आया था, जिसमें राज्यों के खनिज अधिकारों पर कर लगाने के अधिकार को स्पष्ट किया गया था। इस निर्णय के आधार पर राज्य सरकार ने कोयला को छोड़कर अन्य खनिजों पर सेस लगाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि कोयले के मामले में भारत सरकार और राज्य सरकार दोनों को रॉयल्टी प्राप्त होती है। खनिजों पर सेस से राज्य को वर्ष 2025-26 और 2026-27 में लगभग 13 करोड़ रुपये सालाना की अतिरिक्त आमदनी होने लगी है।

उन्होंने कहा कि इस राजस्व का उपयोग राज्य सरकार जनकल्याण और मूलभूत सुविधाओं के विकास में कर रही है। धोती-साड़ी योजना, मंईयां सम्मान योजना, राशन कार्ड, पेंशन सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं में इस आय का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों से राय लिए बिना इस प्रकार का निर्णय लेना उचित नहीं है।

डॉ. उरांव ने कहा कि यह जरूरी नहीं कि केंद्र सरकार राज्यों की हर राय को स्वीकार करे, लेकिन संघीय व्यवस्था में किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले राज्यों से परामर्श किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड को पहले से ही समय पर केंद्रीय सहायता नहीं मिलती है और अब खनिज राजस्व से जुड़े अधिकारों को सीमित करने का निर्णय राज्य के लिए गंभीर आर्थिक चुनौती पैदा करेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खनिजों पर कर लगाने का अधिकार राज्यों का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार में कटौती स्वीकार नहीं की जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि खनिज अधिनियम में किए जा रहे बदलाव झारखंड के संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला हैं। यह झारखंड की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार है और प्रदेश के हितों के साथ कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि “यह सिर्फ टैक्स और सेस का मामला नहीं है, बल्कि झारखंड के जल, जंगल और जमीन के अस्तित्व एवं अधिकार की लड़ाई है।”

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि झारखंड ने देश के औद्योगिक विकास के लिए अपनी धरती के बहुमूल्य खनिज संसाधन दिए हैं। खनन का पर्यावरणीय और सामाजिक दुष्प्रभाव भी राज्य की जनता झेलती है। इसके बावजूद अब राज्य की रॉयल्टी और सेस पर भी अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड के संसाधनों पर पहला अधिकार झारखंड के हितों और यहां की जनता के कल्याण का होना चाहिए।

उन्होंने घोषणा की कि 27 अगस्त को लोहरदगा समाहरणालय परिसर में कांग्रेस पार्टी द्वारा धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए राज्य के संवैधानिक एवं आर्थिक अधिकारों की रक्षा की आवाज बुलंद की जाएगी।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखेर भगत ने कहा कि प्रदेश एवं राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश के आलोक में लोहरदगा जिला कांग्रेस इस आंदोलन को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव और पंचायत-पंचायत तक जाकर केंद्र सरकार की जनविरोधी एवं झारखंड विरोधी नीतियों को उजागर करेंगे तथा जनता को इस कानून के संभावित प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा केवल राजस्व का स्रोत नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक आत्मनिर्भरता और भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए खनिज अधिकारों में किसी भी प्रकार की कटौती के खिलाफ कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
संवाददाता सम्मेलन में विशाल डुंगडुंग, सीमा परवीन, मोहन दुबे विशाल दमदम संदीप गुप्ता मुस्ताक अहमद,मो.दानिश उपस्थित थे।

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